जानें, क्या इंश्योरेंस प्रीमियम पर अदा किए गए GST पर टैक्स बेनिफिट क्लेम कर सकते हैं

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(Last Updated On: April 10, 2019)
लाइफ और मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसियों के लिए जो प्रीमियम जमा किया जाता है, उस पर इनकम टैक्स ऐक्ट के सेक्शन 80 सी और 80 डी के तहत टैक्स बेनिफिट क्लेम किया जा सकता है। लेकिन प्रीमियम पर जीएसटी भी लगता है तो क्या इसके लिए भी टैक्स बेनिफिट क्लेम किया जा सकता है?

(नई दिल्ली) लाइफ और मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसियों के लिए जो प्रीमियम जमा किया जाता है, उस पर इनकम टैक्स ऐक्ट के सेक्शन 80 सी और 80 डी के तहत टैक्स बेनिफिट क्लेम किया जा सकता है। लेकिन प्रीमियम पर जीएसटी भी लगता है तो क्या इसके लिए भी टैक्स बेनिफिट क्लेम किया जा सकता है?

इंश्योरेंस प्रीमियम पर लगा जीएसटी 2.5 प्रतिशत से लेकर 18 प्रतिशत तक होता है। यानी आपको प्रीमियम जमा करते वक्त जीएसटी के रूप में एक अच्छी खासी अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ती है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस जीएसटी पर या प्रीमियम पर लगे किसी भी तरह के चार्ज पर भी टैक्स बेनिफिट क्लेम किया जा सकता है।

हेल्थ इंश्योरेंस पर जीएसटी
हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर फिलहाल 18 प्रतिशत जीएसटी लगता है। सेक्शन 80 डी के तहत हेल्थ इंश्योरेट पॉलिसी के लिए किए गए भुगतान पर टैक्स बेनिफिट क्लेम किया जा सकता है।

उदाहरण के तौर पर, मान लीजिए कि आपने 30 साल की उम्र में बजाज ऐलियंज जनरल इंश्योरेंस कंपनी से 10 लाख रुपये की हेल्थ बीमा कराई है। इसके लिए आपको 7,843 रुपये का बेसिक प्रीमियम और 1,412 रुपये (बेसिक प्रीमियम पर 18 प्रतिशत जीएसटी) जीएसटी जमा करना पड़ेगा। इस तरह आपको प्रीमियम के तौर पर कुल 9,255 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा। इस मामले में आप प्रीमियम की राशि 7,843 रुपये के बजाय भुगतान की गई कुल राशि यानी 9,255 रुपये पर टैक्स बेनिफिट क्लेम कर सकते हैं। हालांकि, शर्त यह है कि यह राशि संबंधित सेक्शन के तहत इन्वेस्टमेंट लिमिट के दायरे में हो।

इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी
इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी की दर अलग-अलग है और यह इंश्योरेंस की प्रकृति पर निर्भर है। उदाहरण के तौर पर, हेल्थ इंश्योरेंस के बेसिक प्रीमियम पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगता है। इस पर 80 डी के तहत टैक्स बेनिफिट क्लेम किया जा सकता है। इसी तरह टर्म इंश्योरेंस और यूलिप्स पर भी 18 प्रतिशत जीएसटी लगता है। हालांकि, एन्डाउमेंट पॉलिसी, मनी बैक पॉलिसी, होल लाइफ पॉलिसियों और पेंशन प्रॉडक्ट्स जैसे परंपरागत प्लान पर पहले साल के इंश्योरेंस प्रीमियम पर 4.5 प्रतिशत जीएसटी लगती है। दूसरे साल से प्रीमियम पर जीएसटी की दर घटकर 2.25 प्रतिशत हो जाती है।

लाइफ इंश्योरेंस पर GST
हेल्थ इंश्योरेंस की तरह ही लाइफ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर भुगतान किए गए जीएसटी पर भी टैक्स बेनिफिट क्लेम कर सकते हैं। यानी प्रीमियम की राशि के साथ-साथ उस पर लगे जीएसटी पर भी सेक्शन 80 सी के तहत टैक्स बेनिफिट क्लेम कर सकते हैं।

अगर प्रीमियम रसीद पर जीएसटी का जिक्र न हो?
अक्सर प्रीमियम रसीद पर कंपनियां जीएसटी का जिक्र नहीं करती। रसीद पर सिर्फ प्रीमियम की राशि का जिक्र होता है। ऐसे में टैक्स पेयर को प्रीमियम पेमेंट से जुड़े डॉक्युमेंट को सुरक्षित रखना चाहिए। इस डॉक्युमेंट का इस्तेमाल प्रीमियम की राशि और उस पर लगे जीएसटी के सबूत के तौर पर किया जा सकता है। इस डॉक्युमेंट के आधार पर आप प्रीमियम के अलावा जीएसटी पर भी टैक्स बेनिफिट क्लेम कर सकते हैं। जाहिर है, आपको इंश्योरेंस पेमेंट से संबंधित डॉक्युमेंट को सहेज कर रखना चाहिए।

Source: https://navbharattimes.indiatimes.com/business/tax/tax-helpline/can-you-claim-tax-benefit-for-tax-paid-on-insurance-premium/articleshow/68808441.cms

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